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मंगेसर के मड़ई

मंगेसर के मड़ई मुसटोली के पार रहे, जहां ऊ आपन मेहरारू, 2 लईकी, अ ए गो लईका संगे रहत रहे। मंगेसरा दूसरा के...

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प्रधान सेवक जी! आखिर हमारा क़सूर क्या है?

पेट्रोल-डीजल में आग लगी है। ये आग केंद्र में बैठी सरकार की लगाई हुई है और इसमें जल रहा है आम आदमी का सुख चैन। लेकिन जनता के इस दुख से मोदी सरकार की बाछें खिली हुई हैं। इस खुशी में मोदी सरकार के नवरत्न नेताओं के मुख से ऐसे ऐसे बोल फूट रहे हैं कि क्या कहें! मोदी जी के पर्यटन मंत्री के.जे. अल्फ़ोंस का कहना है कि पेट्रोल खरीदने वाले भूखे नहीं मर रहे, सरकार ने सोच समझकर टैक्स लगाया है। यानी आपने अपने खून पसीने की कमाई से यदि स्कूटर भी खरीद लिया तो इस सरकार ने आपकी गाढ़ी कमाई को टैक्स लगाकर चूस निकालने की सुपारी ले रखी है। आकाश छोटा पड़ जाए ऐसे अहंकार के सामने। देश के ‘मामूली से नेता’ से पेट्रोलियम मंत्री बने धर्मेंद्र प्रधान का कहना है कि विकसित देशों में पेट्रोल की कीमत और ज्यादा है। ऐसा कहने में परिधान...

देश क़तार में है

देश कतार में है. इस देश का किसान कतार में है. पूर्व सैनिक OROP की कतार में हैं. नजीब की माँ नजीब को पाने के लिए कतार में हैं, बंसल परिवार की आत्महत्या या (हत्या) के लिए परिवार की आत्मा कतार में हैं, रोहित वेमुला की माँ भी न्याय की उम्मीद में क़तार में हैं और पूरा देश, पिछले एक हफ्ते से मौत का तांडव देखते हुए पैसे पाने के लिए बैंक की क़तार में है. देश कतार में है. इस देश का किसान कतार में है. इस देश का मजदूर कतार में है. बड़े बूढ़े कतार में है. महिलाए कतार में हैं. छोटे छोटे दुकानों के मालिक कतार में है. अस्पतालों के बाहर मरीज़ कतार में है. और इसी बीच एसबीआई ने 63 डिफ़ॉल्टर्स के 48000 करोड़ रुपए के लोन माफ़ कर दिए हैं. नोटबंदी के बाद 11 दिन के भीतर मरने वालों की संख्या 90 के पार जा...

नरेंद्र मोदी के नाम- एक खुला पत्र

आपकी एक बात जिससे कोई इनकार नही कर सकता वो यह है कि आप जहाँ-जहाँ गए, उस-उस जगह से अपने पूर्व जन्म या पूर्व जीवन का कोई पुराना नाता जोड़ लिया या फिर जिस-जिस वोट बैंक को भुनाना चाहा, तो उनके इतिहास में घुसकर जबरन उनके संघर्षरत नेता या उद्वारक को अपना आदर्श बना लिया. महात्मा गांधी हो या शहीद भगत सिंघ, बल्लभ भाई पटेल हो या अब बाबा साहेब अम्बेडकर, आपको जब जिसका नाम, जिसकी छवि अपने चुनावी प्रचार में आवश्यक प्रतीत हुई, आपने उनके नाम, उनके संघर्ष, उनकी मान्यताओं के जमकर गुण गाए. लेकिन ऐसा करते हुए आप यह भूल गए कि जनता की याददाश्त में बातें भुलाई नहीं जाती. बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की जन्मस्थली से माननीय प्रधानमत्री जी, आपने बाबा साहेब द्वारा लड़े समानता को लेकर संघर्ष की बात की, दलित उत्थान के लिए लड़ी लड़ाई की बातें कहीं. मोदी जी, आपने कई अच्छी बातें...

अपने राजनैतिक हितों के आगे, जनता के हितों का बलिदान मत दीजिए, प्रधानमंत्री सर!

अखिल विश्व में संभवतः सबसे ज्यादा राजनैतिक रैलियां (जो अब भी जारी हैं) करने का रिकॉर्ड बनाने वाले प्रधानमंत्री मोदी अब शायद सबसे ज्यादा जुमलेबाजी का भी रिकॉर्ड बना चुके हैं। लेकिन नीयत के फ़र्क को समझने वाली जनता का आशीर्वाद ही था कि लोकसभा में चमत्कारी आंकड़ा छूने वाली बीजेपी दिल्ली में अपनी पूरी अजेय सेना को लेकर उतरने के बाद भी 4 कोने नही घेर पायी। अब इसका बदला वो कुछ इस तरह ले रहे हैं, कि जो अनाप-शनाप बन पड़ रहा है दिल्ली सरकार को रोकने के लिए वो करने में गुरेज़ नहीं कर रहे और ऐसा करने में उन्होंने महिला सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय को भी ताक पर रख दिया। नागरिक सुरक्षा और भ्रष्टाचार विरोधी लड़ाई तो कब की मोदी सरकार के अहंकार का ग्रास बन चुकी है। LG, पुलिस कमिश्नर और विधानसभा में अपने 3 विधायकों के ज़रिए, बीजेपी दिल्ली के सिंहासन को भूकंप...

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