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मंगेसर के मड़ई

मंगेसर के मड़ई मुसटोली के पार रहे, जहां ऊ आपन मेहरारू, 2 लईकी, अ ए गो लईका संगे रहत रहे। मंगेसरा दूसरा के खेत में मजूरी कर के, अउर मरल जानवर उठा के रोजी रोटी कमात रहे। 36 साल के मंगेसर के सरकारी पिलानिंग में ए गो मड़ई भर जगह गाँव के एक दम बहरे मिलल, त खुसी के मारे मंगेसरा के भावे न मिले। मंगेसर के मन बनल कि ई दूसरकी मड़ई लइकवा फत्ते के दीया जाए, बियाह के बाद। फत्ते अबही नौ बरिस के हौउवेे, एक आध साल में बियाह करे क बिचार बनाके मंगेसरा मगन रहे...

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